मंगलवार, 29 सितंबर 2026

इनकी दृष्टि में ...........................?

 (कभी कभी बहुत सूक्ष्म दृष्टि से सत्य को मापने में व्यक्ति के आचरण से साफ़ हो जाता है आइये इस आलेख में इनकी दृष्टि में देखने की कोशिस करें ?)

एक दृष्टि हमारी भी........🙏

                      --प्रो० उमाकान्त यादव

  अखिल भारतीय श्री कृष्ण चेतना संस्थान द्वारा आयोजित "श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान" समारोह की भव्यता एवं सफलता के लिए आयोजकों को बहुत-बहुत बधाई।

(प्रोफ उमाकांत एवं न्यायमूर्ति सखा राम यादव )
  समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री  सखाराम सिंह जी  मेरे विद्यार्थी जीवन काल से ही "संरक्षक" की भूमिका में रहे हैं। गीता में "समत्व योग उच्यते" के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण  ने सुख-दुख, राग- द्वेष, मान- अपमान आदि द्वन्द्वों में समभाव रहने को "योग" कहा है और इस तरह के आचरण करने वाले को "योगी" कहा है। मुख्य अतिथि परम आदरणीय न्यायमूर्ति जी को मैंने हमेशा इसी रूप में देखा है। उन्होंने संपूर्ण जीवन "निष्काम भाव" से जिया है और उसी का प्रतिफल है कि वे आज 93 वर्ष की अवस्था में भी  पूर्ण स्वस्थ हैं और हम लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रति मेरी अगाध श्रद्धा है। मैं उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं और प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि वे दीर्घायु हों और इसी तरह हम लोग उनका मार्गदर्शन प्राप्त करते रहें।

     विशिष्ट अतिथि प्रो० सत्येंद्र कुमार सिंह जी उच्च कोटि के वैज्ञानिक होने के साथ-साथ समाज के प्रति सदैव सकारात्मक रहे है। जब वे उच्च शिक्षा निदेशालय में "सहायक निदेशक" का दायित्व निभा रहे थे उस समय में "श्री कृष्ण चेतना संस्थान" का अध्यक्ष था। विज्ञान परिषद में आयोजित "श्रीकृष्ण जन्मोत्सव" कार्यक्रम में आये हुए थे। मेरा एक शोध - छात्र डॉ० राजेश कुमार यादव उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के प्रवक्ता चयन में प्रतीक्षा सूची में था। दो वर्ष बीत चुका था। मैंने उनसे इसकी चर्चा की। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इनके प्रयास से वह "वर्धमान पीजी कॉलेज बिजनौर" में "प्रवक्ता संस्कृत" के रूप में नियुक्त हो गया। इनके कार्यकाल में राजकीय डिग्री कॉलेजों में संविदा पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति हो रही थी। इस कमेटी के आप प्रभारी थे। मेरी अनुशंसा पर एक दर्जन से अधिक संविदा प्रवक्ताओं की नियुक्ति इन्होंने कराई जो बाद में सभी नियमित हो गए। इस महान योगदान की मैं इनकी भूरि-भरि प्रशंसा करता हूं।

    दूसरी विशिष्ट अतिथि  प्रो० विनीता यादव जी का मैं घोर प्रशंसक हूं जिनकी कार्यशैली बहुत ही प्रशंसनीय है। उनसे हम लोगों को ढेर सारी अपेक्षाएं हैं।

   अंत में भाई नवनीत यादव जी को भी बहुत-बहुत साधुवाद , जिन्होंने इस समारोह को इतना भव्य रूप दिया। 

    वर्तमान अध्यक्ष तो "बालकृष्ण"  हैं । उनके सहित उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई एवं अनन्त हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🌷

🙏🌷🙏जय श्रीकृष्ण

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